हिंदी साहित्य की शुरुआत कैसे करें? 5 किताबें जो आपको 'रीडर' बना देंगी

Piyush Mishra
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हिंदी साहित्य की शुरुआत कैसे करें? 5 किताबें जो आपको 'रीडर' बना देंगी

(Beginner's Guide to Hindi Literature: From Best-Sellers to Classics)



एक कड़वा सच (A Bitter Truth):

हिंदी साहित्य कोई छोटा-मोटा तालाब नहीं, बल्कि एक विशाल महासागर (Ocean) है। और मुंशी प्रेमचंद का 'गोदान' या जयशंकर प्रसाद की 'कामायनी' उस महासागर की सबसे ऊँची और तूफानी लहरें (High Tides) हैं।

अब समस्या यह है कि एक नया तैराक (New Reader), जिसने अभी-अभी तैरना शुरू किया है, वह सीधे इन ऊँची लहरों से टकराने की कोशिश करता है। हम जोश में आकर हिंदी के भारी-भरकम 'क्लासिक्स' खरीद तो लेते हैं, लेकिन उनके पहले 10 पन्ने पढ़ते ही हमें महसूस होता है कि शायद हमारी हिंदी कमजोर है। नतीजा? सांस फूलने लगती है, हम घबरा जाते हैं और किताब हमेशा के लिए शेल्फ के कोने में रख दी जाती है।

लेकिन सच यह है कि कमी आप में नहीं, शुरुआत में है।

अगर आपको एवरेस्ट (गोदान) पर चढ़ना है, तो पहले छोटे पहाड़ों पर चढ़कर अपनी सांस पक्की करनी होगी। आपको एक 'वार्म-अप' (Warm-up) की जरूरत है। आज मैं आपको उन 5 किताबों के बारे में बताऊंगा जो आपके लिए वही 'वार्म-अप' का काम करेंगी। ये किताबें आपको डराएंगी नहीं, बल्कि उंगली पकड़कर हिंदी के इस जादुई संसार में ले जाएंगी।

📚 तो, शुरुआत कहाँ से करें? (Where to Start?)

अंग्रेजी नोवेल्स (English Novels) पढ़ना कूल है, लेकिन जो 'अपनापन', जो 'मिट्टी की खुशबू' और जो 'इमोशन' अपनी मातृभाषा में महसूस होता है, वो किसी और भाषा में नहीं मिल सकता। नीचे दी गई 5 किताबें आपको उसी अपनेपन से मिलवाने वाली हैं।

#1 गुनाहों का देवता लेखक: धर्मवीर भारती

हिंदी साहित्य की दुनिया में कदम रखने के लिए यह 'गोल्डन टिकट' है। यह हिंदी की सबसे ज्यादा बिकने वाली और सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली किताबों में से एक है।

कहानी का सार (Synopsis)

यह कहानी इलाहाबाद (प्रयागराज) के सिविल लाइंस की शांत सड़कों की है। केंद्र में हैं— चंदर और सुधा। चंदर, सुधा का शिक्षक भी है, दोस्त भी और संरक्षक भी। दोनों एक-दूसरे से बेइंतहा प्यार करते हैं, लेकिन यह प्यार शरीर का नहीं, आत्मा का है। चंदर अपने 'आदर्शों' के चक्कर में सुधा की शादी कहीं और करवा देता है, और यहीं से शुरू होती है एक रूह कपा देने वाली त्रासदी।

दिल छू लेने वाला अंश (Excerpt)
"चंदर, मैं तुम्हारी हूँ... यह मत समझो कि मैं ब्याही जाकर किसी और की हो जाऊंगी। मेरे शरीर पर चाहे जिसका अधिकार हो, मेरी आत्मा पर, मेरे संस्कारों पर केवल तुम्हारा अधिकार है। मैं इस तरह तुम्हारे अंदर मिल गयी हूँ कि मुझे अब अपने सतीत्व के नष्ट होने का कोई डर नहीं है..." 🗣️ किसने कहा: सुधा (पत्र में) | 📖 किताब: गुनाहों का देवता | ✍️ लेखक: धर्मवीर भारती
#2 बनारस टॉकीज लेखक: सत्य व्यास

अगर आपको सीरियस साहित्य से डर लगता है और आप कुछ हल्का-फुल्का, मनोरंजक और आज के जमाने का पढ़ना चाहते हैं, तो 'बनारस टॉकीज' आपके लिए है। यह 'नई वाली हिंदी' (New Age Hindi) का बेस्ट सेलर है।

कहानी का सार (Synopsis)

यह कहानी BHU (बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी) के भगवान दास हॉस्टल की है। तीन दोस्त—सूरज, अनुराग और जयवर्धन। उनकी जिंदगी सेमेस्टर एग्जाम्स, बैकलॉग, क्रिकेट टूर्नामेंट्स और थोड़ी-बहुत कैंपस वाली आशिकी के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें बनारस का असली स्वाद है—घाट, पान, गाली-गलौज और देसी ह्यूमर।

मजेदार अंश (Excerpt)
"साला जिंदगी में सबकुछ दोबारा मिल सकता है—लड़की, नौकरी, पैसा... लेकिन 'अटेंडेंस' दोबारा नहीं मिलती बे! और ये जो तुम 'सेमेस्टर' के चक्कर में पड़े हो न, याद रखना, डिग्री कागज का टुकड़ा है, असली ज्ञान तो 'अस्सी घाट' की सीढ़ियों पर मिलता है।" 🗣️ किसने कहा: एक सीनियर (फ्रेशर्स से) | 📖 किताब: बनारस टॉकीज | ✍️ लेखक: सत्य व्यास
#3 रश्मिरथी लेखक: रामधारी सिंह 'दिनकर'

फिल्म '12th Fail' में मनोज कुमार शर्मा जब इंटरव्यू देने जाते हैं, तो वो इसी किताब की पंक्तियां दोहराते हैं। यह गद्य (Novel) नहीं, बल्कि पद्य (Poetry/Kavya) है, लेकिन यह इतनी ओजस्वी है कि पढ़ते वक्त आपकी मुट्ठियां अपने आप भिंच जाएंगी।

कहानी का सार (Synopsis)

यह महाभारत के सबसे उपेक्षित लेकिन सबसे प्रतिभाशाली योद्धा 'कर्ण' (Karna) की कहानी है। जब श्री कृष्ण, पांडवों की तरफ से शांति का प्रस्ताव लेकर दुर्योधन के पास जाते हैं और दुर्योधन उन्हें जंजीरों में बांधने की कोशिश करता है, तब दिनकर जी ने जो लिखा है, वह हिंदी साहित्य का 'मास्टरपीस' है।

रोंगटे खड़े कर देने वाला अंश (Excerpt)
"दो न्याय अगर तो आधा दो,
पर इसमें भी यदि बाधा हो,
तो दे दो केवल पाँच ग्राम,
रखो अपनी धरती तमाम...

जब नाश मनुज पर छाता है,
पहले विवेक मर जाता है...
जंजीर बढ़ा कर साध मुझे,
हाँ, हाँ दुर्योधन! बाँध मुझे!" 🗣️ किसने कहा: श्री कृष्ण (दुर्योधन से) | 📖 किताब: रश्मिरथी (तृतीय सर्ग) | ✍️ लेखक: रामधारी सिंह 'दिनकर'
#4 चित्रलेखा लेखक: भगवती चरण वर्मा

अगर आपको थोड़ा सस्पेंस, थोड़ा दर्शन (Philosophy) और थोड़ी ऐतिहासिकता पसंद है, तो 'चित्रलेखा' बेस्ट चॉइस है। यह किताब पाप (Sin) और पुण्य (Virtue) की परिभाषा पर सवाल उठाती है।

कहानी का सार (Synopsis)

कहानी पाटलिपुत्र के समय की है। दो शिष्य अपने गुरु से पूछते हैं— "पाप क्या है?" गुरु उन्हें दो अलग-अलग व्यक्तियों के पास भेजते हैं। एक शिष्य जाता है बीजगुप्त के पास (जो भोग-विलास में डूबा सामंत है) और दूसरा जाता है योगी कुमारगिरी के पास। कहानी के अंत में जो ट्विस्ट आता है, वह यह साबित करता है कि कोई भी पूरी तरह साधु या शैतान नहीं होता।

दार्शनिक अंश (Excerpt)
"संसार में पाप कुछ भी नहीं है, यह केवल मनुष्य के दृष्टिकोण की विषमता है... हम जिसे पाप कहते हैं, वह दूसरे के लिए पुण्य हो सकता है। और जिसे हम पुण्य कहते हैं, वह दूसरे के लिए पाप। मनुष्य अपनी परिस्थितियों का दास है, वह कर्ता नहीं है।" 🗣️ किसने कहा: चित्रलेखा/बीजगुप्त (संवाद) | 📖 किताब: चित्रलेखा | ✍️ लेखक: भगवती चरण वर्मा
#5 निर्मला लेखक: मुंशी प्रेमचंद

हिंदी साहित्य की बात हो और 'कलम के सिपाही' मुंशी प्रेमचंद का नाम न आए, यह असंभव है। लेकिन 'गोदान' के बजाय आप 'निर्मला' से शुरुआत करें क्योंकि यह पतली है और तेज रफ़्तार से चलती है।

कहानी का सार (Synopsis)

यह कहानी दहेज प्रथा (Dowry System) और बेमेल विवाह (Mismatched Marriage) की त्रासदी है। 15 साल की चुलबुली निर्मला की शादी, दहेज न दे पाने के कारण, एक अधेड़ उम्र के वकील तोताराम से कर दी जाती है। उसके बाद निर्मला के जीवन में जो मानसिक और सामाजिक अत्याचार होते हैं, वो पाठक को झकझोर देते हैं।

भावुक कर देने वाला अंश (Excerpt)
"ईश्वर ने कन्या को क्यों बनाया? अगर बनाया तो उसे इतना पराधीन क्यों बनाया? जिस पिंजरे में चाहो बंद कर दो, जिस खूंटे से चाहो बाँध दो... न मुँह में जुबान है, न पैरों में जान। ससुराल में अगर कोई अपना है, तो वो पति है, और जब वही अपना न रहे, तो फिर कोई अपना नहीं।" 🗣️ किसने कहा: निर्मला (स्वगत विचार) | 📖 किताब: निर्मला | ✍️ लेखक: मुंशी प्रेमचंद

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q: मुंशी प्रेमचंद की 'गोदान' (Godan) इस लिस्ट में क्यों नहीं है?
'गोदान' हिंदी साहित्य का गौरव और सर्वश्रेष्ठ उपन्यास है। उसे इस लिस्ट में न रखने का कारण उसका महत्व कम करना नहीं, बल्कि नए पाठकों को डराने से बचाना है। 'गोदान' एक वृहद (Detailed) और आंचलिक उपन्यास है। एक बिगिनर के तौर पर आप उसकी भाषा और विस्तार से थोड़ा बोर हो सकते हैं। हमारी सलाह है कि आप पहले 'निर्मला' या 'गबन' पढ़ें, लेखक की शैली से परिचित हों, और फिर एक अनुभवी पाठक की तरह 'गोदान' का आनंद लें। वह एवरेस्ट है, वहां चढ़ने की तैयारी जरूरी है।
Q: हिंदी पढ़ने की आदत (Reading Habit) कैसे डालें?

1. छोटी शुरुआत: रोज सिर्फ 5-10 पन्ने पढ़ें। टारगेट बड़ा न रखें।

2. बोलकर पढ़ें (Read Aloud): हिंदी हमारी बोलचाल की भाषा है। जब आप बोलकर पढ़ते हैं, तो शब्दों का रस (Flow) समझ आता है और एकाग्रता बनती है।

3. शब्दकोश न खोलें: पढ़ते समय अगर कोई कठिन शब्द आए, तो तुरंत डिक्शनरी न देखें। वाक्य के संदर्भ (Context) से उसका अर्थ समझें और आगे बढ़ें। बार-बार रुकने से मज़ा खराब होता है।

Q: मुझे रोमांटिक नोवेल्स पसंद नहीं, मैं किससे शुरू करूँ?
अगर आपको रोमांस पसंद नहीं है, तो आप 'रश्मिरथी' (वीर रस/मोटिवेशन) या 'चित्रलेखा' (दर्शन/सस्पेंस) से शुरुआत कर सकते हैं। दोनों ही बेहतरीन विकल्प हैं।

अगला कदम (Next Step)

साहित्य की इस यात्रा में आपका स्वागत है! मेरी व्यक्तिगत सलाह मानें तो 'गुनाहों का देवता' या 'बनारस टॉकीज' सबसे सुरक्षित शुरुआत है।

आप इनमें से कौन सी किताब सबसे पहले ऑर्डर करने वाले हैं? कमेंट में जरूर बताएं।

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3 Comments

  1. क्या ये पुस्तकें ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएंगी?

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